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खांसी का प्राकृतिक उपचार

आज हम आप को बतायेगें कि  आप कैसे अपनी खांसी को प्राकृतिक तरीके से ठीक कर सकते हो|  पहले तो मैं यह बताना चाहता हूँ कि  खांसी कोई बीमारी नहीं है खांसी होने का मतलब है कि  आप की श्वासनली में कफ जमा हुआ है कुछ फॉरेन पार्टिकल्स इकठा  हो गए है तथा आप को स्वास लेने में दिकत आ रही है व उसको ठीक करने के लिए प्रकृति के द्वारा जोर से वायु बहार की तरफ भेजी जाती है जिस को इंग्लिश में एयर रिफ्लेक्स भी कहते है होता है ताकि रेशा श्वासनली व फेफड़ों से बाहर चला जाये तो उसी को खांसी कहते है |

जब भी खांसी आती है तो सामान्यता यह १० दिन में अपने आप ही ठीक हो जाती है यदि यह १० दिन में ठीक  इसके मुख्य कारण हो सकते है |

१ ) खांसी जो अपने आप २१ दिन से पहले पहले ख़तम हो जाये 


इसको हम एक्यूट खांसी कहते है | यह छाती में रेशे के जमा होने से होती है व कॉमन कोल्ड हो जाये तो भी हो जाती है |   इस खांसी से आप को साँस लेने में बाधा आती है |  कभी कभी सुखी खांसी भी आती है जिसमें रेशा नहीं निकलता |

२. खांसी जो २१ दिन के बाद भी रहे 

इसे क्रोनिक खांसी कहते है

यदि आप के

आ ) फेफड़ों में इन्फेक्शन हो जाये या फेफड़ों में सोज आ गयी हो तो खांसी २१ दिन के बाद भी जारी रहती है जो


कि  फेफड़ों की गंभीर बीमारी की तरफ संकेत करता है

बी)  आप के पेट में तेजाब बने व ऊपर छाती की तरफ यह आये  तो यह स्वास नली द्वारा चूसा जाता है जिस से श्वासनली व फेफड़ों में सोज व इन्फेक्शन हो जाता है जिस की वजह से आप की खांसी नहीं रूकती

स) जो लोग स्मोकिंग करते है उनकी खांसी प्रकृति तो क्या भगवान भी नहीं खतम कर  सकता |

डी ) यदि आप को  प्रदूषण की वजह से अस्थमा  हो गया है तो भी आप को खांसी लंबे समय तक रहती है

इ) जिन को हर्निया है उनको भी खांसी रहती है

फ) इसके इलावा जिन को दिल की कोई भी बीमारी या फेफड़ों का कैंसर है उनको भी क्रोनिक खांसी रहती है


आओ अब हम सीखते है कि  कैसे इस का प्राकृतिक इलाज किया जाये |

उससे पहले आप को खांसी के लक्षण बता दे 

a)  यह फेफड़ों से ऊपर की तरफ जोर से हवा का धक्का  है जैसे पेट से तेजाब का धका मुँह की तरफ आता है

बी) चेस्ट में tightness  महसूस होता है

स) साँस लेने में कठनाई आ सकती है

निचे इसके इलाज के पग है जो आप ने लेने है

पहला पग : खांसी के कारणों को दूर कर दे खांसी अपने आप ख़तम हो जाएगी 


चरक ऋषि के अनुसार तीन तरह की मुख्य खांसी होती है वात की खांसी , पित की खांसी व कफ की खांसी

a  ) यदि आप को कफ वाली खांसी है जिस में आप के मुँह से खांसी के बाद क्रीम या पिले रंग का बलगम निकलता है तो आप को तला हुआ सामान बिलकुल बंद करना होगा | इसके साथ ही refind  आयल भी बंद करना है , यदि आप को सुखी खांसी है तो देसी घी या ताजी दही से निकली क्रीम इस्तमाल कर सकते हो |

बी) मास मछली व अंडा भी खाना बंद करना है यह भी लंग्स में फैट पैदा करते है जिसकी वजह से कफ वाली खांसी होती है | इस लिए इनको खाना बंद करे |

स) इसके इलावा फ़ास्ट फ़ूड , जंक फ़ूड , होटल फ़ूड भी खाना बंद करे

डी) अपने क्षमता से ज्यादा खाने की आदत भी गलत है जिस की वजह से यह समस्या होती है | सयम से कम भोजन खाने की आदत डाले

इ) आप को दिन में नहीं सोना | इस से भोजन पचता नहीं व खांसी न पचे रेशे को बहार निकलने के लिए होती है  आप को रत को ७ बजे सोये व सुबह ३ बजे उठ जाये | |  इस से आप का डस्ट fastly बॉडी से बाहर जाता है | व आप को खांसी नहीं होती

फ) आप को अति मैथुन व स्त्री प्रसंग नहीं करना | स्त्री प्रसंग सिर्फ बच्चा पैदा करने के लिए करे | ज्यादा भोग विलास से आयु भी कम होती है व क्षय रोग से से जबरदस्त खांसी होती है |

ग) कभी भी तला हुआ भोजन खा कर पानी न पिए | वैसे भी नियम बना ले भोजन के १ घंटे बाद पानी पिए |


क्रोनिक  खांसी को रोकने के लिए आप को चीनी के सामान का खास परहेज रखना है | कोल्ड ड्रिंक्स व सॉफ्ट ड्रिंक्स नहीं पिने | नमकीन व khata व मीठा नहीं खाना | मैदे का  फ़ूड नहीं खाना व तम्बाकू व बीड़ी सिगरेट नहीं पीनी |

बहुत  छेती छेती खा लेते है जिस की  भोजन स्वास नली में फस जाता है व इन्फेक्शन  हो जाता है | इस लिए धीरे धीरे खाये |

मैंने एसिडिटी को ठीक करने का , हर्निया ठीक करने का व अस्थमा ठीक करने का प्राकृतिक इलाज बता दिया है व उसका ज्ञान प्राप्त करके आप  इन बिमारियों का इलाज स्वयं कर ले

दूसरा  पग : हर रोज सुबह व शाम १ १ घंटा व्यायाम करे 

जो लोग व्यायाम नहीं करे, उन के फेफड़ों में न पच्चा हुआ भोजन पहुंच जाता है, जाता कैसे है बहुत ही सिंपल वे से |  टॉयलेट क्लियर नहीं होता | यह डस्ट खून में मिल जा है | खून फैफड़ों  के सेल में जाता है व वह जा के रेशा बन जाता है व वह से जितना भी जोर लगा लो खांसी कर कर के रेशा नहीं निकलता उल्टा खांसी को करने से शक्ति का नाश होता है | इस लिए सब से अच्छा समय है सुबह ४ बजे डेली सैर करे, व्यायाम करे , आसन करे , प्राणयाम करे , न से रेशे का नाश होता है व आप की खांसी ख़तम हो जाती है |



तीसरा   पग : हर रोज पानी पिए , अदरक खाये , हल्दी खाये व लहसुन खाये 

पानी , अदरक , हल्दी व लहसुन प्राकृतिक दवाईया है जो खांसी जड़ से ख़तम करती है

पानी रेशे को पतला करके शरीर से निकलता है

अदरक शरीर को गरम करके रेशे को पिघलाती  है

हल्दी सोज व  दर्द को कम करती है

लहसुन इन्फेक्शन को ख़तम करता है

वीडियो टुटोरिअल 

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