कौन से ५ रस्ते है जिस से आप यात्रा से ख़ुशी प्राप्त कर सकते हो?




मैं आज आप को बताऊंगा कि  कौन  से ५ रस्ते है जिस से आप यात्रा से ख़ुशी प्राप्त कर सकते हो | देखो दोस्तों, मैं गर्मियों की छुटियाँ  बिता कर  यह बैठा हु | देखो दोस्तों यह जो ख़ुशी  मन की संतुष्टि होती है |  तो जितना आप अपने  को संतुष्टि देते जाओगे उतना ही आप को आनंद की प्राप्ति होगी  | तो आएं  जाने कोनसे रस्ते है जिस में आप यात्रा के दौरान अपने आप को ख़ुशी दे सकते हो |



ख़ुशी देने का पहला तरीका 

यात्रा में प्रकृति के साथ जुड़ कर मन को ख़ुशी दे 


आप जब यात्रा पर जाते हो तो आप को प्रकृति का अनुभव होना शुरू हो जाता है | आप को विभिन तरह के वृक्ष , पक्षी, जानवर व नदिया व पहाड़  दिखाई दे  सकते है | यह सभी आप को ख़ुशी का अनुभव कराएगी |  जैसे मैं हरिद्वार गया तो व गंगा माता के किनारे बैठा जिस से मुझे ख़ुशी का एहसास हुआ  व मेरा सारा स्ट्रेस ख़तम हो गया | यह गंगा माता लगभग २५०० किलोमीटर लंभी है |

जैसे जैसे आप की ख़ुशी बढ़ेगी व काम करने के उत्साह पैदा होगा आप अपनी जिंदगी में सेहतमंद हो जाओगे

इसलिए आप को किसी प्राकृतिक आध्यात्मिक केंद में यात्रा करनी चाहिए


इससे आप की बिमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ जाती है | जहा ख़ुशी होती है व बीमारी रूपी गम तो आ ही नहीं सकता |


ख़ुशी देने का दूसरा तरीका 

यात्रा में आप एक नए स्थान को देखते हो जिस से उसका ज्ञान प्राप्त होता है 

यात्रा में एक ऐसा स्थान देखा जाता है जो पहले  कभी नहीं देखा | जिस से ज्ञान की प्राप्ति होती है व ज्ञान से ख़ुशी की प्राप्ति होना स्वभाविक है  ऋषिकेश गया व पर राम जुलहा है | उसके बारे में जाना व पता लगा कि  यह ७५०  फ़ीट long है व केबल की रसियों पर बिना पल के खड़ा है यह ज्ञान मुझे प्राप्त हुआ व इस ज्ञान से मुझे ख़ुशी प्राप्त हुई क्योकि  मुझे ज्ञान है के मैंने इसकी यात्रा भी की है | मुझे अब इसमें दिलचस्पी हो गयी व मुझे पता लगा कि  १९८६ में यह जुलहा गंगा माता के एक किनारे को दूसरे किनारे से जोड़ने के लिए बना | जो चीज़  दुनिया को आप में जोड़ती है हो हमेशा ही ख़ुशी देती है |  यह असल में प्रेम का पुल्ल है |

इस तरह आप के अंदर का ज्ञान बहुत बढ़ जायेगा | तथा जब किसी से भी कोई बात होगी |  आप पुरे उत्साह से जवाब दे सकते हो | व अपने अंदर ख़ुशी प्राप्त कर  हो |



ख़ुशी देने का तीसरा तरीका 


यात्रा से आप की सकरात्मक सोच बढ़ जाती है 

जब आप यात्रा करते हो तो आप ज्यादा से ज्यादा नई देशों  देखते हो व उससे आप के अंदर जीने की उमंग पैदा होती है व आप की सोच सकरात्मक हो जाती है | यात्रा के दौरान आप को बहुत साहसिक कदम उड़ाने होते है जिस से आप का भावना सकतरात्मक हो  जाती है जिस से आप को ख़ुशी प्राप्त होती है जब आप घर में होते हो तो यह चीजे संभव नहीं होती |

जैसे ही मैं चंडी माता के मंदिर उड़न खटोले से जा रहा था तो मेरे अंदर की सकरात्मक सोच काफी बढ़ गयी व एक महिला कहती के यह तो बहुत खतरा है तो मैंने कहा यही तो सुख का समय है आप ऐसी में ख़ुशी को महसूस करे |  क्योकि आप इसका ज्ञान प्राप्त करोगे के यह उड़न खटोला कैसे वर्क कर रहा है व सफल है | आप भी इस आईडिया को अपने व्यापर में लगा सकते हो
|


ख़ुशी देने का चौथा तरीका 


यात्रा से आप का आत्मविश्वास काफी  बढ़ जाता है | 

जैसे ही आप यात्रा पर अकेले जाते हो आप को बहुत सारी  स्थितियों का सामना करना पड़ता है जैसे कहाँ रहना है , क्या खाना है , पैसे को मैनेज कैसे करना है अपनी सुरक्षा कैसे करनी है |  जब  आप  इन   बातों में सफल हो जाते हो तो आप का आत्मविश्वास बढ़ जायेगा | आत्मविश्वास बढ़ने से आप को मिलेगी

इसके इलावा आप को बहुत सरे दोस्त मिलते है यात्रा में जिस से आप की ज्ञान में बढ़ोतरी होती है |

घर में यह संभव नहीं जिससे आप का आतम विश्वास नहीं बढ़ता | आत्मविश्वास न बढ़ने से आप को डर ही डर महसूस होगा | तथा इससे ख़ुशी आप से दूर चली जाएगी | इस लिए आज ही यात्रा करे
|


ख़ुशी देने का पांचवा तरीका 

यात्रा में आप  नया फल खाते हो 

नया फल खाने से आप को शक्ति प्राप्त होती है | शक्ति का दूसरा नाम ख़ुशी है |  बिना शक्ति से ख़ुशी की कल्पना भी नहीं की जा सकती |

जब मैं यात्रा पर गया   तो राम फल खाया | उसके बारेमें ज्ञान लिया तो पता लगा इससे तो खून बहुत जल्दी बढ़ जाता है | तो मुझे बहुत ख़ुशी प्राप्त हुई |  यदि यात्रा न करो गए तो आप को यह फल खाने का मौका नहीं मिलेगा व आप कमजोर के कमजोर  ही रह जाओगे | व जो कमजोर है व जिसमें खून ही नहीं , उसको बीमारी बहुत जल्दी लगती है व ख़ुशी बीमार वियक्ति से भाग जाती है |


एक बार फिर आप  इन  पॉइंट्स को यद् कर ले



ख़ुशी देने का पहला तरीका 

यात्रा में प्रकृति के साथ जुड़ कर मन को ख़ुशी दे 


ख़ुशी देने का दूसरा तरीका 

यात्रा में आप एक नए स्थान को देखते हो जिस से उसका ज्ञान प्राप्त होता है 

ख़ुशी देने का तीसरा तरीका 


यात्रा से आप की सकरात्मक सोच बढ़ जाती है 

ख़ुशी देने का चौथा तरीका 


यात्रा से आप का आत्मविश्वास काफी  बढ़ जाता है | 

ख़ुशी देने का पांचवा तरीका 

यात्रा में आप  नया फल खाते हो 

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