परिचय
नमस्कार प्यारे दोस्तों। आपका स्वागत है स्वामी दयानंद प्राकृतिक चिकित्सालय में।
और मैं बात कर रहा हूं डॉक्टर विनोद कुमार।
दोस्तों, आज हम बात करते हैं प्रोटीन लीकेज के ऊपर।
प्रोटीन लीकेज क्या है?
प्रोटीन लीकेज का मतलब है कि आपने जो भी प्रोटीन वाला सामान खाया, वह प्रोटीन किडनी के माध्यम से आपके यूरिन से बाहर निकल जाता है।
तो सबसे पहले यह जान लीजिए कि प्रोटीन क्या है?
प्रोटीन एक ऐसा तत्व है भोजन में, जिससे आपके मसल्स बनते हैं, जिससे आपका वेट बैलेंस रहता है, जिससे आपके हार्मोंस और ग्रोथ हार्मोंस स्टेबल रहते हैं।
इसके लिए आप विभिन्न प्रकार की प्रोटीन वाली चीजें खाते हैं।
लेकिन जब यह प्रोटीन लीकेज बार-बार होता जा रहा है और आपकी किडनी काम नहीं कर रही है, तो इसका नुकसान क्या होता है?
प्रोटीन लीकेज के नुकसान
इसका नुकसान यह होता है कि आपके शरीर में कमजोरी आ जाएगी।
आपके मसल्स डेड होना स्टार्ट हो जाएंगे।
और इसके अलावा आपके पैरों में सूजन और आपके चेहरे में सूजन होना स्टार्ट हो जाएगी।
यह बताता है कि आपकी किडनी अच्छी तरह से फिल्टर नहीं कर रही है। वह शरीर में प्रोटीन को रोककर नहीं रख रही है।
अब आपने टेस्ट करवाए।
आपने क्रिएटिनिन का ब्लड टेस्ट करवाया। क्रिएटिनिन इश्यू देखा।
आपने यूरिन का 24 आवर्स रूटीन टेस्ट किया, तो यही पता लगा कि इसमें प्रोटीन लीकेज हो रहा है।
डायबिटीज और हाई बीपी की दवाइयां बंद करें
तो अब आप क्या करने लग गए?
डॉक्टर ने कहा कि आपको डायबिटीज है, तो उसने डायबिटीज के टेस्ट भी किए। तो आप डायबिटीज की गोली खाने लग गए।
सबसे पहले यह डायबिटीज की गोली बंद कीजिए।
यही मूल कारण है आपकी किडनी को और खराब करने का, जिसकी वजह से प्रोटीन लीकेज हो रहा है।
हाई बीपी की अगर गोली खा रहे हैं, तो उस गोली को बंद कीजिए, क्योंकि वह रीजन है आपके यूरिन लीकेज का।
ओके।
तो यह आपने जब बंद कर लिया, उसके बाद आपने क्या करना है?
बाहर का पनीर, दूध और दूध से बने उत्पाद बंद करें
उसके बाद आपने करना है कि जो चीजें आप प्रोटीन के लिए खाते हैं और बाहर से लेकर आते हैं, उनको बंद करना स्टार्ट करना है।
सबको पता है कि पनीर, दूध और दही में सबसे ज्यादा प्रोटीन है।
तो आपने बाहर से लिया और उस पनीर में क्या डला हुआ है?
उसमें पाम ऑयल डला हुआ है।
उसमें फैट डली हुई है।
हो सकता है कि जीवों की चर्बी डली हुई हो और डिटर्जेंट पाउडर भी डला हो।
तो बाहर का पनीर बंद कीजिए।
बनाना है तो घर में देसी गाय रखिए।
उस दूध में नींबू डालिए।
वो आपका पनीर बन गया।
वो आपका प्रोटीन होगा, जो आपको टॉक्सिन फ्री करेगा।
टॉक्सिन वाला नहीं होगा।
दिखने को बाहर का अपना प्रोटीन है, पर वो टॉक्सिन है।
वो किडनियां खराब करता है।
वह आपके शरीर में रहेगा नहीं।
दूसरा, दूध भी इतना मिलावट वाला हो गया है। उसमें दूध है ही नहीं।
तो क्यों ऐसा काम करते हो?
अपने घर में नहीं है, किसी की गाय देखिए, देसी गाय का दूध लीजिए।
उसकी अच्छी सेवा कीजिए।
दही भी ऐसी है, वो भी मिलावटी आने लग गई।
तो ये तीनों चीजें आपको क्या है? घर की रखनी चाहिए।
ओके?
इसलिए हमारे ऋषि-मुनि घर में गाय पालते थे।
जो उसका प्रोटीन था, वो उसके शरीर में हजम होता था।
उस गाय के दूध, दही और पनीर से।
ऑर्गेनिक खाइए
नेक्स्ट।
ऑर्गेनिक खाइए।
बाहर की जितनी भी प्रोटीन वाली दालें हैं, सब में पॉइजन है।
इसका सिस्टम बहुत सिंपल सा बन सकता है।
एक होती है रवा, बहुत अच्छी दाल है।
आप उसके इस सावन में बीज डाल दीजिए।
बीज उग जाएंगे।
ताजा खा सकते हो।
हमने तो खाया है।
हमने तो उगाया है।
आप भी उगा सकते हो।
और दूसरी जो दालें हैं, मूंग की दाल, वो भी उग जाती है।
काले छोले तो बहुत सर्दियों में आसानी से उग जाते हैं।
अच्छी सेवा की जाए।
गाय के गोबर की खाद डाली जाए, तो वो खा सकते हो आप।
तो बाहर की जो भी दालें, जिससे प्रोटीन मिलता है, वो ऑर्गेनिक अपने किचन गार्डन में उगाइए।
पैक्ड और प्रोसेस्ड फूड बंद करें
और तीसरा है कि बाहर का प्रोसेस्ड और पैक्ड फूड मत खाइए।
कोई रिश्तेदार आ गया, बिस्कुट दे दिया या ये नमकीन बिस्कुट है।
वो नमक, जो वाइट साल्ट है, वह आपकी किडनियां खराब कर रहा है।
उसके लिए आप क्या कर सकते हो?
नमक कम खाइए और रॉक साल्ट खाइए।
ओके।
सेंधा नमक।
योग, आसन, प्राणायाम, एक्सरसाइज और लंबी वॉक करें
इसके अलावा नेक्स्ट।
शरीर की एक्सरसाइज कीजिए।
योग, प्राणायाम, आसन।
इसके अलावा जितनी भी बॉडी की एक्सरसाइज है, यह सभी आपके लिए बेनिफिट है।
लंबा चलिए।
हाई किडनी पेशेंट को, हाई डायबिटिक पेशेंट को कम से कम, कम से कम स्टार्टिंग में आप 2 किलोमीटर से स्टार्ट कीजिए।
सुबह 2 किलोमीटर, शाम इसी को बढ़ाते हुए सुबह 5 किलोमीटर, शाम को 5 किलोमीटर।
और धीरे-धीरे जब आप 10 किलोमीटर सुबह और 10 किलोमीटर शाम को चलेंगे, तो आपकी ये किडनियां बिल्कुल जवान हो जाएंगी।
ऐसी स्ट्रांग हो जाएंगी, ऐसी ताकत वाली हो जाएंगी, जिससे आप हर तरह की, या ये जो लीकेज है, प्रोटीन लीकेज, ये ठीक हो जाएगा।
अपने स्ट्रेस को कंट्रोल करें
एंड देन, अपने स्ट्रेस को देखिए।
कोई भी स्ट्रेस आपकी किडनियों को कमजोर कर सकता है।
तो स्ट्रेस फ्री रहने का एक ही मंत्र है कि अपने मन को समझाइए।
"माय प्रॉब्लम इज नॉट बिग।"
मेरी समस्याएं लंबी नहीं हैं।
मुश्किल नहीं हैं।
बहुत बड़ी नहीं हैं।
कोई भी समस्या है आपको।
"माय डियर माइंड, नेवर टेक अटेंशन।"
मेरे प्यारे मन, चिंतित मत हो।
"नेवर माइंड, बी हैप्पी।"
क्योंकि समस्याएं आपका मन बड़ा बनाता है।
कभी वह बड़ी नहीं होती।
अगर आप अपना लाइफस्टाइल, जो मैंने बताया है, उसको फॉलो कीजिए, तो ये टेंशन कहां आने वाली है कि मुझे अब क्या हो जाएगा?
क्या मुझे डायलिसिस लगेगा?
क्या होगा?
ओके?
क्या मेरी छेती मौत हो जाएगी?
ये सारे डर, नेगेटिव थॉट्स, फियर्स आपके मन ने बढ़ाए हैं।
तो मन को समझाइए कि मुझे पोस्ट एक्शंस लेने हैं।
तो लेते जाइए।
किसने मना किया है?
ओके।
तो इन्हीं शब्दों के साथ मैं अपने इस लेक्चर को यहीं समाप्त करता हूं।
अगर आपने मेरे से पर्सनल ट्रीटमेंट लेना है, तो मेरा WhatsApp नंबर है:
+91-9356234925

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