क्षय ( Tuberculosis ) रोग का प्राक्रतिक चिकित्सा

 क्षय रोग क्या है 

यह एक इन्फेक्शस बैक्टीरियल डिजीज है जिस का अंग्रेजी नाम मइक्रोबक्टेरियम ट्यूबरक्लोसिस है | 

क्षय रोग के क्या लक्षण है 

इस रोग में खांसी, बुखार,  cough आना , बॉडी pain होना , शार्ट ब्रीथिंग  के लक्षण हो सकते है | 

क्षय रोग की किस्में 

फेफड़ों का क्षय रोग 

पेट का क्षय रोग 

हडियों का क्षय रोग 

क्षय रोग की प्राकृतिक चिकित्सा 

१. क्षय  रोग की अंग्रेजी दवाईया बंद करे | 

यह दवाई मुख्य रूप से 

है 

Rifmapin / Rfampicin 

Isoniazid 

Pyrazindm 

Thambutol 

इन मेडिसिन के कुछ नुकसान हैं जो इस प्रकार है 

१. इन अंग्रेजी  मेडिसिन को खाने से इन्टेस्टिन स्वेलिंग होती है जिसे हम आंतों की सूजन कहते है 

२. इस अंग्रेजी मेडिसिन को खाने से लिवर डिजीज होते है 

३. इन मेडिसिन को खाने से नर्व डैमेज हो जाती है | 

४. इन मेडिसिन को खाने से hyperglycemia होता है जिसको हडियों में यूरिक एसिड जमा होना कहते है | जिस से किडनी का बोझ बढ़ जाता है व किडनी फेल हो जाती है | इसके इलावा इस से उठने बैठने में मुश्किल हो जाती है | जॉइंट में गांठ हो जाती है | हडिया दर्द करना शुरू कर देती है 

२ . प्राकृतिक भोजन ही दवाई है 

प्राकृतिक भोजन में TB के पेशेंट को 

सुबह 

बकरी का दूध 

या देसी  गाये का दूध 

या ३ या ४ तरह के फ्रूट्स 

दोपहर को 

एक पलेट सलाद 

+ दाल + सब्जी + रोटी या दलिया 

शाम को 

निभू पानी या फलों का जूस 

Lemon juice kills tb bacteria because it has the vitamin C

३. हसने का मेडिसिन १/२ करना है 

इस से स्ट्रेस ख़त्म होता है, अच्छी नींद  व  खत्म हो जाएगी 

४. योग व सूरज की रौशनी लेनी है 

हर रोज आप ने योग व सूरज की एक तो आप के शरीर में ऑक्सीजन के लेवल को बढ़ाएगी  दूसरा आपके कीटाणुओं को मारेगी 

५. हर रोज व्ययाम तथा पैदल चलना है | 

हर रोज व्ययाम करने से व पैदल चलने से आप की स्ट्रेंथ व फ्लेक्सीबिलटी बढ़ेगी व दर्द व सोज ख़तम होगी आप ठीक हो जाओगे 

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