नमस्कार प्यारे दोस्तों स्वामी दयानंद प्राकृतिक चिकित्सालय में आपका स्वागत है और मैं हूं डॉक्टर विनोद कुमार आज हम बात करेंगे कि रूमाटॉयड फैक्टर जो आपकी टेस्ट रिपोर्ट में है वो अगर बहुत ज्यादा है तो उसको नेचुरली कैसे डिक्रीज करना है तो सबसे पहले हम जान लेते हैं
रूमाटॉयड फैक्टर क्या है
देखिए देखिए मॉडर्न साइंस में जो डॉक्टर हैं वो एक टेस्ट कर रहे हैं कि हमारी बॉडी का जो इम्यून सिस्टम है हमारे
जॉइंट्स के ऊपर अटैक कर रहा है कि नहीं कर रहा वो उनके लिए एक टेस्ट है ब्लड टेस्ट है और अगर वह देख लेते हैं कि यह है 20 है 20 से कम रूमाटॉयड फैक्टर है तो वह कहते हैं यह नॉर्मल है अगर वह बहुत ज्यादा हो गया आपका 50, 100 ,150 ,125 हो गया। तो वो कहते हैं कि आपका इम्यून इम्यून सिस्टम आपके जॉइंट्स के ऊपर अटैक कर रहा है। जिसकी वजह से इंफ्लेमेशन हो रही है। जिसकी वजह से जिसकी वजह से आपको जॉइंट्स में पेन हो रहा है। तो इस का रूट ऑफ केस जो है वो कुछ और है। आपका लाइफस्टाइल है और यह अपने आप ही नेचुरली नीचे आ जाएगा।
तो उसका नीचे आने के लिए क्या-क्या करना होगा?
सबसे पहला जो काम है
1. एक्सरसाइज करना
सुबह एक घंटा और शाम को एक घंटा आपको एक्सरसाइज करना ही है। फिजिकल मूवमेंट करना ही है। वरना दुनिया की कोई टेस्ट रिपोर्ट सिर्फ बता सकती है कि आपका बढ़ गया है। कम के बारे में बताएगी नहीं। कोई
भी मेडिसिन ऐसा नहीं बना जो इसको कम कर सके। वो है आपका एक्सरसाइज। सुबह एक घंटा, शाम
को एक्सर एक घंटा करना है | बहुत सिंपल सी बात है। 15 मिनट आप योग कीजिए। योग का वीडियो का लिंक जो है जो अपनी वेबसाइट का वो मैं बता दूंगा। 15 मिनट योग करना है। लंबे सांस लेने हैं। फुल ऑक्सीजन अंदर जाए। हमारा इम्युनिटी को पता लग जाना चाहिए कि मुझे शुद्ध ऑक्सीजन मिलती है। ठीक है? अगर कोई पिंजरे का कैदी भी हो और उसे भोजन और रोशनी ना दी जाए। वो भी चिड़चिड़ा हो जाएगा। हमारा इम्यूनिटी चिड़चिड़ापन हो गया उसको वो वो डिसऑर्डर हो गया उसको ऑर्डर में लेके आना है ओके ताकि वो सिक्योरिटी गार्ड अपना काम अच्छा अच्छी तरह से करें ओके और जब मैं पेशेंट से बात करता हूं वो तो मैंने वो वो कहते हैं सिर्फ मैं आधा घंटा एक्सरसाइज करती हूं या करता हूं तो इससे काम नहीं चलेगा। फिर उसके बाद 15 मिनट के बाद आपको कम से कम एक घंटा तो आपको वाकिंग करना है। एक घंटा नहीं तो आधा घंटा कर लीजिए सुबह और शाम। तो यह 45 मिनट हो गए और 15 मिनट आप आसन कर सकते हो। बहुत अच्छे-अच्छे आसन है जिसमें आपके जॉइंट्स की फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है। मैं लिस्ट बता सकता हूं।
नंबर वन पे
भुजंगासन,
नंबर दो पे
सर्वांगसन,
नंबर तीन पे नोकासन
ओके? इसके अलावा
हल आसन। तो ये आसन कीजिए।
इसके बाद नंबर दो पे आ जाता है फूड।
2. फूड
फूड में जो सबसे ज्यादा नुकसान देता है इस समस्या को इस फैक्टर को बढ़ाने का जिम्मेवार है वह है ऑयली फूड और मीठा शुगर का सामान तो कहीं भी आपको यह नहीं खाना चाहे मंदिर हो कहीं और कहीं बाहर गए हुए
हो तो कहीं भी ऑयली फूड नहीं खाना | घर में भी नहीं यूज़ करना | अगर यूज़ कर सकते हो तो आधा चम्मच अगर वह भी कर सकते हो तो एक चम्मच अपने भोजन में डाल सकते हो सरसों का तेल |
वो कैसा होना चाहिए घर में आप 10 किलो सरसों लेके आइए। अपने आंखों के सामने उसको पिसवाइए। उसका तेल निकालिए। उसमें से जो खल है वो गाय को देना है ठीक है? जो आज गौ माता की बेकदरी हो रही है उसको वो नहीं होनी चाहिए , उनको दे | और तीसरा जो हो सकता है वो है ग्रेटट्यूड।
3. ग्रेटट्यूड
मेंटल हेल्थ के लिए आपको चाहिए। अगर आप सिर्फ कह देते हो किसी को धन्यवाद। मैं आपका धन्यवादी हूं। क्या आपको याद रहता है एक हफ्ते के बाद किसको धन्यवाद किया था? आप उसको देख सकते हो। तो उसके लिए आपको लिखना होगा। डेली नोटबुक एक परमात्मा का पांच लोगों का धन्यवाद डेली करना चाहिए। मैं भी कई सालों से धन्यवाद करता हूं। इसका आपके माइंड और ब्रेन और हार्ट पे बहुत इंपैक्ट पड़ता है। पॉजिटिविटी आती है। इससे आपका आरएफ लेवल कम होने वाला है। उसके बाद एप्रिशिएट कीजिए और छोटी-छोटी बातों पे गुस्सा होना यह त्याग दीजिए। गुस्सा बॉडी को सुखा देता है। आग को आग से नहीं बुझाया जा सकता। उसके लिए पानी की आवश्यकता है। इसी प्रकार से अगर किसी वजह से कोई गुस्सा घर में माहौल बनता है तो आप शांत रहिए। इस
कान से सुनिए। इस कान से निकाल दीजिए। बस इतनी सी बात होती है। हवा में वह बात चली
गई। तो गुस्सा नहीं करना आपने। किसी भी कीमत पे उसको कंट्रोल कीजिए। उसका मैनेजमेंट कीजिए। ओके। जो भी मिसहपनिंग होगी जिसने भी आपका ऑर्डर नहीं माना उसको एक्सेप्ट कर लीजिए और आप अपनी एनर्जी को अपने जो बड़े लक्ष्य है आपका स्वस्थ रहना उसके ऊपर खर्च कीजिए ओके लव को बढ़ाइए जो भी नेगेटिव
सिचुएशनंस है उसका पॉजिटिव रिस्पांस दीजिए |
4. विटामिन डी
तो इस तरह से एक लास्ट में और बात आती है कि आपको को विटामिन डी चाहिए। भारत में दो ऋतुएं ऐसी हैं जिसमें आपको प्रॉपर सूरज की रोशनी नहीं मिल मिलती और ज्यादातर आप घर में रहते हो उसकी वजह से भी नहीं मिलती। उसके लिए जैसे एक तो है सर्दियां और एक है सावन का महीना चौमासा। जुलाई, अगस्त, सितंबर। ठीक है? जून में कुछ पार्ट जून का 20 जून के बाद बरसातें स्टार्ट हो जाती हैं। तो इसमें कभी तो सूर्य देवता आ जाते हैं, कभी नहीं आते। तो प्रॉपर विटामिन डी नहीं मिलता। उसके लिए इस समय इन दो ऋतुओं में हर हालत में आपने
हवन एक करना है।
हमारे पास हवन सामग्री है। 50 जड़ी बूटियां खाती हैं। देसी गाय हमारे पास हैं। उसका हमसे हवन सामग्री ले सकते हो। ओके? और अपने घर में भी देसी गाय पालकर उसका जो गोबर है उनको जड़ी बूटियां खिलाई है उसकी सामग्री ले सकते हो देसी घी ले सकते हो और वुड ले सकते हो तो इसका हवन से जो अग्नि देवता प्रकट होते हैं उससे विटामिन डी मिलता है जब विटामिन डी मिलता है मेरे बॉडी का जो कैल्शियम है जो देसी
गाय का आपने दूध पिया वो डाइजेस्ट होगा ओके तो यह समस्या आपको होगी नहीं
रूमाटॉयड फैक्टर आपका नॉर्मल रहेगा और रूमेटाइट अर्थराइटिस आपका नॉर्मल हो जाएगा। उसका
ऑलरेडी मैंने वीडियो बना दिया है। वह नीचे वेबसाइट का लिंक दे दूंगा उसमें देख लेना। ओके प्यारे दोस्तों अगर आपने रूम अर्थराइटिस या इस फैक्टर को कम करने के लिए मेरे से पर्सनल ट्रीटमेंट लेना है या
पर्सनल एडवाइस लेनी है तो मेरा WhatsApp नंबर नोट कीजिए। 9356234925 इंडिया के बाहर हो तो प्लस 91 लगा दीजिए।
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