बिना शल्य चिकित्सा के पेट की महाधमनी विस्फार का प्राकृतिक इलाज

यदि आप ने अपना अल्ट्रासाउंड कराया है तो आप को पता लगेगा के आपकी महा धमनी जो कि दिल से निचे के हिसों तक खून पहुंचाने वाली पाइप का पेट के नीचे के हिसों की मोटाई  बढ़ गयी है | साधारण इस पाइप का व्यास ३ cm तक होना चाहिए | यदि पेट के निचे इसकी मोटाई  3 cm  से पर होकर ५ cm य उससे भी ज्यादा हो जाती है तो एलोपैथिक डॉक्टर इसकी सर्जरी करते है जिस में एक स्टेंट की पाइप जाली लगाई जाती है जिस से अगर भविष्य में यह फट जाये तो यह पाइप खून को लिक न कर सके | 

पर हम इस शल्य चिकित्सा के खिलाफ है क्योकि शरीर में १ लाख किल्लोमीटर से ज्यादा लम्बी धमनियां व नसें नड़रिया  है तो क्या  इनके मोटे होने पर एक लाख ऑपरेशन करेंगे | यह प्राकृतिक चिकित्सा  वास्तविक आकार में आ जाती है | 

सबसे पहले जानें इसका अंग्रेजी नाम एब्डोमिनल एओर्टिक एन्यूरिज्म है जिस का मतलब है धमनी जो पेट के निचे हिसे में है उसका फूलना व सोज का आना | यदि यह फट जय तो लगातार खून इस पाइप से लिक होता जायेगा व् शरीर के सेल तक खून नहीं पहुचेंगा व सेल वीक होकर मर जायेगें | व् दिल को भी सख्त मेहनत करनी होगी | जिस से दिल का दौरा भी आ सकता है | 


पर घबराएं नहीं इसका बहुत आसान प्राकतिक इलाज है 

इलाज के मुख्य बिंदु 

१. अपने उच्च रक्त चाप को अपने नियंरण में रखें 

अपने उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए सुबह व शाम को नामक व नामक की चीजों का खाना बंद करे | क्योकि नमक पेट से बाहर नहीं जाता व यह खून को गाढ़ा करता रहता है गाड़े खून के व्हाऊओ से धमनियों की मोटाई बढ़ना शुरू होती है | जिस के कारण यह समस्या उत्पन होती है | 

२. चिंता न करे 

चिंता  रक्तचाप बढ़ जाता है दूसरा यह धमनी को सख्त कर  व मोटी कर देता है | जिससे इनके फटने का डर बढ़ जाता है | कभी धन की चिंता न करे | कभी भविष्य की चिंता न करे |कब बीमारी बढ़ने के चिंता न करे | सभी चिंताओं को त्यागने से आप का शरीर अपने आप ठीक हो जायेगा | 

३. मास मच्छी व अंडे न खाये 

दुनिया का सबसे बड़ा झूठ यह है कि मास मच्छी व अंडे खाने से प्रोटीन  प्राप्त होता है जिस से सेहत प्राप्त होती है पर इस में फैट होती है जो सेहत के लिए हानि कारक है | यह पाइप जो धमनियों के है उनमें इकठी हो जाती है व इसको मोटा कर देती है इस लिए इसे कभी न खाएं | 

इसकी जगह पर आप फल व हरी सब्जियों को खाएं | सबसे अच्छा है देसी गाय का दूध पियें | आज हमने देसी गाय को पलना बंद कर दिया है जिस से हम बीमार हो रहे है | 

४. रिफाइंड आयल यूज़ न करे 

आप को भूल कर भी रिफाइंड गहि नहीं खाना | इस में बहुत कैमिकल होते है जिस से धमनियों को कमजोर होने के लिए बाध्य होना पड़ता है इसकी जगह पर घर का निकला हुआ सरसों का तेल दो चमचे भोजन में ढाल कर कर खायें | 

५. हर रोज योग , आसान व वयायाम करे 

इन सबको करने से शरीर से विजातीय द्रव शरीर से बाहर चले जाते है व शरीर सव्स्थ्य हो जाता है | 

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